गौ बचाओ, धरती बचाओ, मानवता का धर्म निभाओ!
Save Cow, Save Earth
About Us

गौ माता भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन धर्म का अभिन्न अंग हैं। वे केवल एक पशु नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की पोषक और मानवता की संरक्षिका हैं। प्राचीन वेदों, पुराणों और शास्त्रों में गौ माता को पूजनीय बताया गया है। किंतु आज आधुनिकता की दौड़ में गौ माता और गौवंश का अस्तित्व संकट में है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ‘गौवंश बचाओ अभियान’ की शुरुआत की गई।

हमारा उद्देश्य

हमारा मुख्य उद्देश्य गौ माता एवं गौवंश की रक्षा, सेवा, और संरक्षण करना है। सड़कों पर घूमने वाली, घायल, बीमार और असहाय गायों को बचाकर उन्हें एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करना इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य है। इसके साथ ही, हम समाज में गौ सेवा और गौ रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

हमारी प्रेरणा

इस अभियान की प्रेरणा हमें तब मिली जब हमने देखा कि गौ माता, जो हमारे लिए दूध, खाद और कृषि में योगदान देती हैं, वृद्धावस्था में सड़कों पर बेसहारा भटकने के लिए छोड़ दी जाती हैं। कई बार दुर्घटनाओं, भूख, प्यास और कुपोषण के कारण वे दम तोड़ देती हैं। इस हृदयविदारक स्थिति ने हमें इस अभियान को प्रारंभ करने के लिए प्रेरित किया, ताकि हम गौ माता को उनका उचित सम्मान और सुरक्षा प्रदान कर सकें।

हमारी गतिविधियाँ

हमारी टीम कई प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से गौ रक्षा का कार्य कर रही है:

  1. गौशाला संचालन एवं प्रबंधन – हमारे द्वारा संचालित गौशालाओं में गायों को उचित आहार, चिकित्सा, और रहने की व्यवस्था दी जाती है।
  2. बीमार और घायल गायों का उपचार – सड़क दुर्घटनाओं में घायल या बीमार गायों का उपचार करने के लिए हमारी टीम हमेशा तैयार रहती है।
  3. गौ रक्षा जागरूकता अभियान – स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरों में गौ माता की महत्ता और उनके संरक्षण पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
  4. पर्यावरण संरक्षण में योगदान – गौ माता के संरक्षण से जैव विविधता को बनाए रखने और प्राकृतिक संतुलन को संरक्षित करने में मदद मिलती है।
  5. गौ उत्पादों को बढ़ावा – गाय के दूध, गोबर और गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है।
  6. गांव-गांव में गौ रक्षा दलों का गठन – ग्रामीण स्तर पर स्वयंसेवकों की टीम बनाकर अधिक से अधिक गायों को बचाने का प्रयास किया जाता है।

गौ रक्षा का महत्व

  1. धार्मिक महत्व – गौ माता को हिन्दू धर्म में अत्यधिक पवित्र माना गया है। कई धर्मग्रंथों में कहा गया है कि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है।
  2. पर्यावरण संतुलन – गौ माता के गोबर और गौमूत्र से प्राकृतिक खाद बनाई जाती है, जिससे कृषि में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है और मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।
  3. मानव स्वास्थ्य में योगदान – गौ दुग्ध और उससे बने उत्पाद स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक होते हैं। आयुर्वेद में भी गौ उत्पादों को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है।
  4. आर्थिक लाभ – गौ आधारित कृषि और गौ उत्पादों के व्यापार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

हमारे लक्ष्य

  • अधिक से अधिक गौ माता को बचाना और सुरक्षित गौशालाओं में स्थानांतरित करना।
  • गौ माता के संरक्षण से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुँचाना।
  • शहरों और गांवों में गोचर भूमि का विस्तार कराना और उसे अतिक्रमण से बचाना।
  • समाज में गौ रक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को गौ सेवा के लिए प्रेरित करना।

आपका सहयोग आवश्यक है

हमारा यह अभियान तभी सफल हो सकता है जब समाज के हर व्यक्ति का इसमें योगदान होगा। आप निम्नलिखित तरीकों से हमारे अभियान में सहयोग कर सकते हैं:

  • गौ सेवा करें – निकटतम गौशाला में जाकर गायों की देखभाल करें।
  • दान करें – गौ माता के भोजन, चिकित्सा और आश्रय के लिए आर्थिक योगदान दें।
  • गौ उत्पादों का उपयोग करें – रासायनिक उत्पादों की जगह गौ आधारित उत्पादों का उपयोग करें।
  • गौ रक्षा अभियान का प्रचार करें – सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य माध्यमों से इस अभियान के बारे में अधिक से अधिक लोगों को बताएं।

हमारे साथ जुड़ें

यदि आप भी ‘गौवंश बचाओ अभियान’ के इस पवित्र कार्य में हमारा सहयोग करना चाहते हैं, तो आज ही हमारे साथ जुड़ें। आपका एक छोटा सा प्रयास भी गौ माता के जीवन को संवार सकता है और धरती पर संतुलन बनाए रखने में योगदान दे सकता है।

🙏 गौ माता की जय! 🙏